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सोमवार, 24 नवंबर 2008

'सृजन' और 'सम्मान' की कड़ियाँ...

सृजन से सम्मान का अटूट सम्बन्ध है. इस बीच हमारी तमाम रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट पर वेब-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं. इन सबको जहाँ भरपूर सराहना मिली है, वहीँ विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं ने भी हमें सम्मानित किया है. इनमें ‘एस.एम.एस.‘ कविता पर प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा पुरस्कार (2006), राष्ट्रीय राजभाषा पीठ इलाहाबाद द्वारा ’भारती ज्योति’(2007), भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा ‘वीरांगना सावित्रीबाई फुले फेलोशिप सम्मान‘ (2007), इन्द्रधनुष साहित्यिक संस्था, बिजनौर द्वारा ‘साहित्य गौरव' (2006 ) व ‘काव्य मर्मज्ञ‘ (2007), श्री मुकुन्द मुरारी स्मृति साहित्यमाला, कानपुर द्वारा ‘साहित्य श्री सम्मान‘ (2006),छत्तीसगढ़ शिक्षक-साहित्यकार मंच द्वारा ‘साहित्य सेवा सम्मान‘(2007),ऋचा रचनाकार परिषद, कटनी द्वारा ‘भारत गौरव‘(2007), मध्यप्रदेश नवलेखन संघ द्वारा ‘साहित्य मनीषी सम्मान‘(2007), मथुरा की साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था ‘आसरा‘ द्वारा ‘ब्रज-शिरोमणि‘ सम्मान (2008), देवभूमि साहित्यकार मंच, पिथौरागढ़ द्वारा ‘देवभूमि साहित्य रत्न‘(2008), राजेश्वरी प्रकाशन, गुना द्वारा ‘उजास सम्मान‘(2008), ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद द्वारा ‘शब्द माधुरी‘ (2008) इत्यादि शामिल हैं.
 
इस बीच दिल्ली से प्रकाशित नारी सरोकारों को समर्पित पत्रिका 'वुमेन ऑन टॉप' ने जून 2008 अंक में अपनी आवरण कथा ‘हम में है दम, सबसे पहले हम‘ में भी हमें स्थान दिया है. इसमें देश की तेरह प्रतिष्ठित नारियों को स्थान दिया है, जिन्होंने अपनी बहुआयामी प्रतिभा की बदौलत समाज में नाम रोशन किया।
 
इन नारियों में माधुरी दीक्षित, लता मंगेशकर, लारा दत्ता, तब्बू, हेमा मालिनी, उमा भारती, सुषमा स्वराज, वृंदा करात, पं0 रवि शंकर की बेटी नोरा जोन, सचिन पायलट की पत्नी सारा पायलट, फिल्म आलोचक व लेखिका अनुपमा चोपड़ा के साथ हमारा नाम भी शामिल है। इसमें ‘‘लेखन से पिरोती साहित्य की माला: आकांक्षा यादव‘‘ शीर्षक से हमारे जीवन व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया है...आभार !!
 
-आकांक्षा यादव
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