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गुरुवार, 30 जुलाई 2009

जीवन के सफर में जन्मदिन

जीवन का प्रवाह अपनी गति से चलता रहता है। कभी हर्ष तो कभी विषाद, यह सब जीवन में लगे रहते हैं। हर किसी का जीवन जीने का और जिंदगी के प्रति अपना नजरिया होता है। महत्व यह नहीं रखता कि आपने जीवन कितना लम्बा जिया बल्कि कितना सार्थक जिया। आज अपने जीवन के एक नए वर्ष में प्रवेश कर रही हूँ।

मेरी माँ बताती हैं कि मेरा जन्म 30 जुलाई की रात्रि एक बजे के करीब हुआ। ऐसे में पाश्चात्य समय को देखें तो मेरी जन्म तिथि 31 जुलाई को पड़ती है, पर भारतीय समयानुसार यह 30 जुलाई ही माना जायेगा। जीवन के इस सफर में न जाने कितने पड़ाव आये और जीवन का कारवां बढ़ता चला गया। जीवन के हर मोड़ पर जो चीज महत्वपूर्ण लगती है, वही अगले क्षण गौण हो जाती है। पल-प्रतिपल हमारी प्राथमिकताएं बदलती जाती हैं। सीखने का क्रम इसी के साथ अनवरत चलता रहता है।

कई लोग तो सरकारी सेवा में आने के बाद जीवन का ध्येय ही मात्र नौकरी मानने लगते हैं, पर मुझे लगता है कि व्यक्ति को रूटीनी जीवन जीने की बजाय नित नये एवं रचनात्मक ढंग से सोचना चाहिए। जैसे हर सुबह सूरज की किरणे नई होती हैं, हर पुष्प गुच्छ नई खुशबू से सुवासित होता है, प्रकृति की अदा में नयापन होता है, वैसे ही हर सुबह मानव जीवन को तरोताजा होकर अपने ध्येय की तरफ अग्रसर होना चाहिए। सफलताएं-असफलताएं जीवन में सिक्के के दो पहलुओं की भांति हैं, इन्हें आत्मसात कर आगे बढ़ने में ही जीवन प्रवाह का राज छुपा हुआ है।

जीवन के इस सफर में मैंने बहुत कुछ पाया तो बहुत कुछ पाने की अभिलाषा है। ईश्वर में आस्था, माता-पिता का आशीर्वाद, भाइयों व बहन का स्नेह, पति कृष्ण कुमार यादव जैसा प्यारा हमसफर, बेटी अक्षिता की खिलखिलाहट जीवन के हर मोड़ को आसान बना देती है और एक नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इन सब के बीच आप मित्रों एवं शुभचिंतकों की हौसलाआफजाई भी टानिक का कार्य करती है। आप सभी का स्नेह एवं आशीष इसी प्रकार बना रहे तो जीवन का प्रवाह भी खूबसूरत बना रहेगा।

मेरे जन्मदिन पर तमाम शुभचिंतकों ने अपने ब्लाग पर मेरे लिए दो शब्द लिखे हैं-
युवा, यदुकुल, हिन्दी ब्लोगरों के जन्मदिन, नवसृजन इन सभी का आभार।

 
(चित्र में : पिताश्री, मम्मी और पतिदेव कृष्ण कुमार जी के साथ)
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