आपका समर्थन, हमारी शक्ति

सोमवार, 7 जून 2010

'आंधी' से 'राजनीति' तक प्रखर महिलाएं


आजकल 'राजनीति' फिल्म चर्चा में है. कहा जा रहा है कि यह सोनिया गाँधी कि जिंदगी से प्रेरित है. बहुत पहले एक फिल्म आई थी - आंधी. इसे इंदिरा गाँधी के साथ-साथ तारकेश्वरी सिन्हा से भी प्रेरित बताया गया था. आज जब राजनीति में महिलाओं की भूमिका से लेकर फिल्म 'राजनीति' तक चर्चा में है, तो तारकेश्वरी सिन्हा की याद आना स्वाभाविक भी है. इनके बिना भारत की संसदीय राजनीति में महिला-शक्ति के परचम लहराने का इतिहास अधूरा है। तारकेश्वरी सिन्हा के लिए महिला होने का मतलब सिर्फ घर-गृहस्थी से नहीं, बल्कि देश चलाने से भी था। यही वजह है कि आज भी राजनीति की बात होती है, तो इनका नाम बेहद अदब के साथ जेहन और जुबान तक आता है.

तारकेश्वरी सिन्हा पहली लोकसभा की सबसे युवा सांसद रहीं. मात्र 26 साल की उम्र में सांसद के तौर पर शपथ लेने वाली तारकेश्वरी सिन्हा नेहरू मंत्रिमंडल में उप-वित्त मंत्री भी रहीं। बहुत कम लोगों को पता होगा कि बिहार के बाढ़ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने वाली तारकेश्वरी सिन्हा एक कवियत्री और अच्छी लेखिका भी थीं। उन्होंने अपनी यादों को सहेजकर कई संस्मरण भी लिखे। इनमें 'संसद में नहीं हूं, झक मार रही हूं' काफी लोकप्रिय रहा। यह संस्मरण उन्होंने लोकसभा चुनाव हारने के बाद लिखा। जब उनकी उम्र की लड़कियां सजने-संवरने में वक्त गंवा रही थीं, तारकेश्वरी सिन्हा 1942 के आंदोलन में कूद पड़ीं। तब उनकी उम्र सिर्फ 19 साल थी। फिर तो अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ कई आंदोलनों में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यही नहीं, तारकेश्वरी सिन्हा उन चंद लोगों में शामिल थीं, जिन्हें नालंदा में महात्मा गांधी की आगवानी करने का मौका मिला था।

कहते हैं कि तारकेश्वरी सिन्हा के घरवालों को उनकी राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी पसंद नहीं थी और जब उन्होंने छपरा के एक जमींदार परिवार में शादी की, तो घरवालों को यह सोचकर सुकून मिला कि शादी के बाद तारकेश्वरी सिन्हा राजनीति से दूर हो जाएंगी, पर महत्वाकांक्षी तारकेश्वरी को राजनीति से अलगाव मंजूर नहीं था। फिर तो वह लगातार भारतीय राजनीति में आगे बढ़ती गई। दूसरे शब्दों में कहें तो युवा महिला शक्ति की अलख जगाने का श्रेय उन्हें ही जाता है। इस बात की तस्दीक इससे भी हो जाती है कि मशहूर गीतकार गुलजार ने फिल्म 'आंधी' के मुख्य किरदार को इंदिरा गांधी के साथ-साथ तारकेश्वरी सिन्हा से भी प्रेरित बताया।
एक टिप्पणी भेजें