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शनिवार, 12 जून 2010

दक्षिण से मुम्बई आने की राह दिखने वाली प्रथम अभिनेत्री पद्मिनी

राजकपूर की फिल्म 'जिस देश में गंगा बहती है' की कम्मो के सौंदर्य, लावण्य व कमनीयता का जादू इतना गहरा था कि कई प्रेमियों ने अपनी प्रेमिकाओं का नाम ही कम्मो रख दिया। कम्मो यानी हिन्दी फिल्मों की पहली पहली चर्चित दक्षिण भारतीय अभिनेत्री व मशहूर भरतनाट्यम नृत्यांगना. नृत्य की महान रोशनी (नृत्यापेरोली) के नाम से मशहूर पद्मिनी ने हिन्दी, तमिल, मलयालम, तेलुगू व कन्नड़ फिल्मों सहित कुल 250 फिल्मों में काम किया। वैजयन्ती माला, हेमामालिनी, रेखा, श्रीदेवी इत्यादि से बहुत पहले वह दक्षिण से हिन्दी फिल्मों में आयी थीं। जिस देश में गंगा बहती है, मेरा नाम जोकर और आशिक फिल्मों में शोमैन राजकपूर के साथ उनके बेजोड़़ अभिनय ने लोगों को उनका दीवाना बना दिया।

12 जून 1932 को केरल के तिरूवन्तपुरम के पूजाप्परा में थंकअप्पन पिल्लई और सरस्वती अम्मा की दूसरी बेटी के रूप में जन्मी पद्मिनी ने 1949 में फिल्मी जगत में कदम रखा। बड़ी बहन ललिता व छोटी बहन रागिनी के साथ पद्मिनी 'त्रावणकोर सिस्टर्स' के नाम से मशहूर हुयीं। बचपन से ही नृत्यसाधना में रत पद्मिनी से प्रभावित होकर नर्तक उदयशंकर एवं निर्माता एन0 एस0 कृष्णन ने उन्हें 'कल्पना' फिल्म में लिया। उसके बाद मेरा नाम जोकर, जिस देश में गंगा बहती है और आशिक के अलावा उन्होंने वासना, औरत, काजल, अप्सरा, नन्हा फरिश्ता, चंदा और बिजली तथा मुजरिम जैसी हिन्दी फिल्मों में अपने अभिनय के जौहर दिखाए। देवानन्द की एक फिल्म में पद्मिनी व रागिनी दोनों बहनों ने एक साथ काम किया तो तमिल फिल्म थोथू ठोकी में तीनों बहनों ने यादगार अभिनय किया। पद्मिनी ने राजकपूर, एम0 जी रामचंद्रन, शिवाजी गणेशन, राजकुमार, प्रेम नासिर और देवानन्द जैसे मशहूर अभिनेताओं के साथ अपनी चर्चित जोड़ी बनाई।

जानी-मानी दक्षिण भारतीय अभिनेत्री शोभना, पद्मिनी की भतीजी थीं तो उनकी चचेरी बहनें सुकुमारी व अम्बिका भी दक्षिण भारतीय फिल्मों की बहुचर्चित अभिनेत्रियाँ रही हैं. पद्मिनी ने अभिनय के शीर्ष पर पहुँचकर के0 टी0 रामचंद्रन से शादी पश्चात फिल्मी ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह दिया और अमेरिका में बस गईं. अमेरिका में बसने के पश्चात भी उनकी रचनात्मकता अनवरत् बनी रही तथा उन्होंने अमेरिका में प्रख्यात पद्मिनी स्कूल आॅफ फाइन आर्टस खोला। आज हिन्दी फिल्मों में दक्षिण से आयी हुई कई अभिनेत्रियाँ अपना मुकाम बना चुकी हैं, पर दक्षिण से मुम्बई आने की राह सर्वप्रथम पद्मिनी ने ही दिखायी। पद्मिनी का करीब चार साल पहले 24 सितम्बर 2006 की रात्रि देहावसान हो गया। आज उनकी जन्म-तिथि है...पुनीत स्मरण !!
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