शब्द-शिखर

मंगलवार, 28 मई 2013

शब्दों से बदलाव की कोशिश

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मैं मांस, मज्जा का पिंड नहीं, दुर्गा, लक्ष्मी और भवानी हूँ , भावों से पुंज से रची, नित्य रचती सृजन कहानी  हूँ  । ये लाइनें आकांक्षा या...
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रविवार, 12 मई 2013

माँ का रिश्ता सबसे अनमोल

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माँ दुनिया का  सबसे अनमोल रिश्ता है। एक ऐसा रिश्ता जिसमें सिर्फ अपनापन और प्यार होता है। माँ की इबादत हर दिन भी करें तो भी उसका कर्...
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बुधवार, 8 मई 2013

हमारी बेटियाँ

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हमारी बेटियाँ  घर को सहेजती-समेटती एक-एक चीज का हिसाब रखतीं मम्मी की दवा तो पापा का आफिस भैया का स्कूल और न जाने क्या-क्य...
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सोमवार, 22 अप्रैल 2013

न्यू मीडिया 'हिंदी ब्लागिंग' के दस साल : प्रिंट मीडिया ने लिया हाथों-हाथ

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न्यू मीडिया के रूप में तेजी से उभरी  हिन्दी ब्लागिंग के एक दशक पूरा होने पर प्रिंट मीडिया ने भी इसे हाथों-हाथ लिया। इलाहाबाद के तमाम पत्रक...
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रविवार, 21 अप्रैल 2013

ब्लागिंग का बढ़ता जलवा : हिंदी ब्लागिंग के एक दशक पूरे

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भूमंडलीकरण ने समग्र विश्व को एक ग्लोबल विलेज में परिवर्तित कर दिया, जहाँ सूचना-प्रौद्योगिकी के बढ़ते कदमों के साथ सारी जानकारियाँ एक क्...
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रविवार, 14 अप्रैल 2013

डा0 भीमराव अम्बेडकर के प्रति दीवानगी ने रचा ' ‘भीमायनम्’'

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आधुनिक भारत के निर्माताओं में डा0 भीमराव अम्बेडकर का नाम प्रमुखता से लिया जाता है पर स्वयं डा0 अम्बेडकर को इस स्थिति तक पहुँचने के लिये ...
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मंगलवार, 9 अप्रैल 2013

'दैनिक जागरण' और 'जनसत्ता' में भी फुदकी 'शब्द-शिखर' की गौरैया

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'विश्व गौरैया दिवस' पर पर 20 मार्च, 2013 को 'शब्द-शिखर' पर लिखी गई मेरी पोस्ट 'लौट आओ नन्ही गौरैया'    को 9 अप्...
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बुधवार, 20 मार्च 2013

लौट आओ नन्ही गौरैया

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याद कीजिये , अंतिम बार आपने गौरैया को अपने आंगन या आसपास कब चीं-चीं करते देखा था। कब वो आपके पैरों के पास फुदक कर उड़ गई थी। सवाल जटिल ह...
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गुरुवार, 7 मार्च 2013

मेरा भी स्वतंत्र अस्तित्व है...

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मुझे नहीं चाहिए प्यार भरी बातें चाँद की चाँदनी चाँद से तोड़कर लाए हुए सितारे। मुझे नहीं चाहिए रत्नजडि़त उपहार मनुहार कर लाया हीरो...
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मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

कांस्य युग में भी थी ’सोशल नेटवर्किंग’

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आजकल सोशल नेटवर्किंग की सर्वत्र चर्चा है। न्यू मीडिया के विकल्प रूप में उभरी इन साइट्स ने एक साथ संवाद, क्रांति और कौतुहल तीनों को जन्म ...
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मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

प्रेम, वसंत और वेलेण्टाइन : जनसत्ता में 'शब्द-शिखर' का 'ढाई आखर'

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वसंत के आगाज़ पर पर 10 फरवरी, 2013 को 'शब्द-शिखर' पर लिखी गई मेरी पोस्ट ' प्रेम, वसंत और वेलेण्टाइन ' को 18 फरवरी, 20...
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