शब्द-शिखर

रविवार, 26 जून 2011

स्वास्थ्य के बारे में सोचें, नशे को न कहें

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मादक पदार्थों व नशीली वस्तुओं के निवारण हेतु संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 दिसंबर, 1987 को प्रस्ताव संख्या 42/112 पारित कर हर वर्ष 26 जून को अ...
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शुक्रवार, 24 जून 2011

भारत में एक द्वीप सिर्फ तोतों के लिए

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अंडमान में बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जो प्राय: बहुत कम ही लोगों को पता होती हैं. इन्हीं में से एक है-पैरट-आइलैंड. पोर्टब्लेयर से बाराटांग की या...
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गुरुवार, 16 जून 2011

शब्दों की गति

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कनाडा से प्रकाशित हिंदी-चेतना के जनवरी-मार्च , 2011 अंक में मेरी कविता 'शब्दों की गति' प्रकाशित हुई. इस कविता को साभार 'वेब दुनि...
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सोमवार, 13 जून 2011

कन्या-भ्रूण की हत्या कहाँ तक वैध ??

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कन्याओं के प्रति विरक्ति सिर्फ भारत में हो, ऐसा नहीं है. यह रोग अन्य देशों में भी है. जो भारतीय अच्छी शिक्षा-दीक्षा पाकर विदेशों में बस गए, ...
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बुधवार, 18 मई 2011

मेघा रे मेघा...

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गर्मी का प्रकोप जोरों पर है. तापमान 40-45 से ऊपर जा रहा है. यहाँ तक कि पहाड़ और समुद्र के किनारे बसे इलाके भी इसकी विभीषिका से जूझ रहे हैं....
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सोमवार, 9 मई 2011

प्रिंट-मीडिया में 'शब्द-शिखर' की 25वीं चर्चा

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'शब्द शिखर' पर 26 अप्रैल, 2011 को प्रस्तुत पोस्ट 'मानव ही बन गया है खतरा... ' को प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक अख़बार जनसत्ता के न...
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रविवार, 8 मई 2011

मदर्स डे पर कृष्ण कुमार यादव की कविता : माँ

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आज सुबह कुछ पहले ही नींद खुल गई. मन किया कि बाहर जाकर बैठूं. अभी सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिए थे पर ढेर सारी चिड़िया कलरव कर रही थीं. मौस...
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सोमवार, 2 मई 2011

हिंदी ब्लागिंग से आशाएं बढ़ा गया दिल्ली में हुआ ब्लागर्स सम्मलेन

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ब्लागिंग को एक स्वतंत्र विधा के रूप में स्थापित करने में तमाम प्रक्रियाएं परिलक्षित हो रही हैं, इसी क्रम में हिंदी ब्लागिंग ने भी वर्ष 2003 ...
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मंगलवार, 26 अप्रैल 2011

मानव ही बन गया है खतरा...

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अस्तित्व की लड़ाई का सिद्धांत इस जग में बहुत पुराना है. एक तरफ प्रकृति का प्रकोप, वहीँ दूसरी तरफ सभ्यता का प्रकोप. वनमानुष, जिन्हें मानवों ...
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सोमवार, 11 अप्रैल 2011

किरण बेदी को क्यों छोड़ दिया अन्ना जी ??

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पुण्य की गंगा बह रही है, लगे हाथ सभी लोग हाथ धोकर पुण्यात्मा बन गए. इससे पहले किये गए उनके सारे पाप धुल गए...कुछ ऐसे ही लगा अपनी पिछली पोस्...
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शनिवार, 9 अप्रैल 2011

कौन सी क्रांति ला रहे हैं अन्ना ??

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आजकल अन्ना हजारे चर्चा में हैं और साथ ही भ्रष्टाचार और जन लोकपाल को लेकर उनका अभियान भी. चारों तरफ अन्ना के गुणगान हो रहे हैं, कोई उन्हें गा...
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सोमवार, 4 अप्रैल 2011

नव संवत्सर से जुडी हैं कई महत्वपूर्ण घटनाएँ

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भारत के विभिन्न हिस्सों में नव वर्ष अलग-अलग तिथियों को मनाया जाता है। भारत में नव वर्ष का शुभारम्भ वर्षा का संदेशा देते मेघ, सूर्य और चंद्...
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रविवार, 3 अप्रैल 2011

आखिर भारत ने दे ही दिया घुमा के...

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यह जीत भी खूब रही. आखिर 28 साल बाद आया क्रिकेट में विश्व विजयी होने का सुनहरा पल. पहले आस्ट्रेलिया, फिर पाकिस्तान और अंतत: श्रीलंका...भारत ...
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गुरुवार, 31 मार्च 2011

चक दे इण्डिया...अब दम दिखा दे और फ़ाइनल में दे घुमा के..!!

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!!...चक दे इण्डिया...अब दम दिखा दे और फ़ाइनल में दे घुमा के..!!
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शुक्रवार, 25 मार्च 2011

बिटिया पाखी के जन्मदिन पर...

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आज हमारी प्यारी बिटिया अक्षिता (पाखी) का जन्म-दिन है. अंडमान में हम दूसरी बार पाखी का जन्मदिन मना रहे हैं. अब तो पाखी की बहना तन्वी भी उसका...
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शुक्रवार, 18 मार्च 2011

बैंगन जी की होली

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टेढे़-मेढे़ बैंगन जी होली पर ससुराल चले लुढ़क-लुढ़क जाते हर पल एक मुसीबत पाल चले. उनकी पत्नी भिण्डी जी बनी-ठनी तैयार मिलीं हाथ पकड़ करके उनक...
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शनिवार, 12 मार्च 2011

जनसत्ता में 'शब्द-शिखर' की पोस्ट

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'शब्द शिखर' पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च, 2010) को प्रस्तुत पोस्ट 'महिला होने पर गर्व' को प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक अख...
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गुरुवार, 10 मार्च 2011

105 साल का हो गया सेलुलर जेल

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यह तीर्थ महातीर्थों का है. मत कहो इसे काला-पानी. तुम सुनो, यहाँ की धरती के कण-कण से गाथा बलिदानी (गणेश दामोदर सावरकर) आजकल अंडमान-निकोबार दी...
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मंगलवार, 8 मार्च 2011

महिला होने पर गर्व (महिला दिवस पर विशेष)

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महिला-दिवस सुनकर बड़ा अजीब लगता है. क्या हर दिन सिर्फ पुरुषों का है, महिलाओं का नहीं ? पर हर दिन कुछ कहता है, सो इस महिला दिवस के मनाने की भ...
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बुधवार, 2 मार्च 2011

कहाँ गया फाउण्टेन पेन..

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पिछले दिनों आलमारी में रखा पुराना सामान उलट-पुलट रही थी कि नजर एक फाउण्टेन पेन पर पड़ी। वही फाउण्टेन पेन जो कभी अच्छी व स्टाइलिश राइटिंग का म...
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मंगलवार, 22 फ़रवरी 2011

शाहों के शाह, हमारे नौकरशाह! (कवि-मन कपिल सिब्बल जी की व्यथा)

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(कहते हैं जब अपनी व्यथा किसी से न कह पायें तो कविता में उतार दें. यही कारण है कि आज तमाम नामचीन लोग कवितायेँ लिखते हैं, कोई चोरी-छुपे डायरी ...
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शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

तुम्हारी ख़ामोशी

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तुम हो मैं हूँ और एक खामोशी तुम कुछ कहते क्यूँ नहीं तुम्हारे एक-एक शब्द मेरे वजूद का अहसास कराते हैं तुम्हारी पलकों का उठना व गिरना तुम्हारा...
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शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

प्रिया आ...

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वेलेण्टाइन डे का असर अभी से दिखने लगा है. चारों तरफ प्यार की धूम मची है. अब तो यह पूरा व्यवसाय हो गया है. हर कोई इसे अपने ढंग से यादगार ...
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मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

सखि वसंत आया...

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''सखि वसंत आया भरा हर्ष वन के मन नवोत्कर्ष छाया.'' (निराला) वसंत पंचमी का आगमन हो चुका है. एक तरफ वसंत का सुहाना आगमन, वहीँ...
12 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 7 फ़रवरी 2011

क्या आप जानते हैं..

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क्या आप जानते है इंडिया का वह स्थान जहाँ सबसे सस्ता भोजन उपलब्ध है ? ............ चाय = 1 रूपया प्रति चाय सूप = 5.50 रुपये दाल = 1.50 ...
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