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सोमवार, 7 मई 2018

गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर जी की जयंती

अंतर मम विकसित करो 
हे अंतरयामी! 
निर्मल करो, उज्ज्वल करो, 
सुंदर करो हे!
जाग्रत करो, उद्यत करो, 
निर्भय करो हे!


भारतीय साहित्य के अद्वितीय व्यक्तित्व, बहुमुखी प्रतिभा के धनी, आधुनिक भारत के असाधारण सृजनशील कलाकार,कवि, कहानीकार, गीतकार, संगीतकार, नाटककार, निबंधकार और चित्रकार एवं भारतीय राष्ट्रगान "जन-गण-मन" के रचयिता एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर जी (7  मई 1861-7 अगस्त 1941) की 157वीं  जयंती पर शत् शत् नमन।  

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