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रविवार, 24 नवंबर 2013

एक बैंक महिलाओं का ...

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकारें तमाम कदम उठाती रही हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 19 नवम्बर को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गाँधी के  96वें जन्मदिन पर  मुम्बई में देश के प्रथम महिला बैंक 'भारतीय महिला बैंक' का उद्घाटन किया। बैंक का उद्घाटन मुंबई के नरीमन पॉइंट पर एयर इंडिया के भवन में हुआ। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस मौके पर कहा कि इससे महिला सशक्तिकरण के अलावा उनके सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुंबई, लखनऊ समेत सात शहरों में भारतीय महिला बैंक [बीएमबी] की शाखाओं ने मंगलवार से ही कामकाज शुरू कर दिया। वैसे, इस बैंक में पुरुष भी खाता खुलवा सकेंगे मगर कर्ज वितरण सहित सभी सुविधाओं और योजनाओं में महिलाओं को ही प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें महिला व पुरुष दोनों ही खाताधारी होंगे, लेकिन बैंक से सभी तरह के लोन लेने की सुविधा सिर्फ महिलाओं को मिलेगी। इसके अलावा उन्हें खासतौर पर फिक्सड डिपॉजिट व लोन स्कीम उपलब्ध कराई जाएंगी।

महिला सशक्तिकरण, भारत का सशक्तिकरण पंच लाइन के साथ शुरू हुआ  भारतीय महिला बैंक  न सिर्फ शहरी क्षेत्र में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को कम ब्याज दर पर कर्ज देकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वाबलंबी बनाने पर ध्यान देगा। इस सरकारी बैंक की खासियत यह भी है कि इसके आठ सदस्यीय निदेशक मंडल में महिलाओं को ही जगह दी गई है। पंजाब नेशनल बैंक की कार्यकारी निदेशक रह चुकी ऊषा अनंतसुब्रमण्यम को बैंक का अध्यक्ष बनाया गया है। बैंक के बोर्ड में चेयरपर्सन के अलावा  राजस्थान के एक गांव की सरपंच छवि राजावत, नुपुर मित्रा, प्रिया कुमार, रेणुका रामनाथ और गोदरेज की तान्या दुबाश को शामिल किया गया है। भारतीय महिला बैंक विदेशों में भी ब्रांच खोली जाएगी। अभी विभिन्न पीएसयू बैंक की महिलाकर्मी है स्टाफ मेंबर।जिन अन्य शहरों में इसकी शाखाएं खुली हैं उनमें कोलकाता, गुवाहाटी, अहमदाबाद, चेन्नई और बेंगलूर भी शामिल हैं।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम के मुताबिक यह पहला सरकारी बैंक है जिसके बोर्ड में सिर्फ महिलाएं होंगी। कर्मचारियों में भी 70 फीसद महिलाएं ही होंगी। चिदंबरम ने चालू वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए महिला बैंक शुरू करने की घोषणा की थी। इसका पूंजी आधार 1,000 करोड़ रुपये का रखा गया है। अगले साल मार्च तक बैंक के शाखाओं की संख्या बढ़कर 25 कर दी जाएगी।
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इस अवसर पर भारतीय महिला बैंक की अध्यक्ष  उषा अनंतसुब्रमण्यम ने भारतीय महिला बैंक को लेकर उठ रहे  तमाम सवालों के जवाब भी दिए। 

-लगभग सभी बैंक महिलाओं के लिए विशेष शाखा से लेकर स्पेशल प्रॉडक्ट महिलाओं के लिए पहले ही लेकर आ चुके हैं। ऐसे में महिला बैंक उनसे अलग कैसे दिखाई देगा?

हम पेन इंडिया से ऑपरेशन स्टार्ट कर रहे हैं। हम शुरू से ही लोन देना व डिपॉजिट स्वीकार करना शुरू कर रहे हैं और वो भी कई फायदों के साथ।

-अगर लोन की बात करें तो कौन से प्रॉडक्ट महिलाओं के लिए सुटेबल हैं?

बैंक हाई-नेटवर्थ से लेकर मीडिल क्लास व लो-इनकम ग्रुप की महिलाओं के साथ काम कर रहा है। हमारा जोर उस इस स्किल डिवेलपमेंट को फंड करने का है जो इकॉनमिक एक्टिविटी को हेल्प करे। हम ऐसे डे-केयर सेंटर को सेट-अप करने के लिए क्रेडिट देंगे और संगठित कैटरिंग सर्विसेज के लिए भी।-

-आपको अन्य बैंकों से काफी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में आप बिजनेस को कैसे आगे लेकर जाएंगी?

हमारा सेट-अप ही सबसे अलग है। यहां आपको पैसा जमा करवाना है या लोन लेना है तो सीधा ब्रांच में जाकर बहुत ही सिंपल तरह से अपना काम कर सकते हैं। ऑपरेट करने में इतना सरल है कि महिलाएं अपनी बैंकिंग जरूरतों के लिए इसे ही प्राथमिकता देगीं। हमारी आधी आबादी महिलाएं हैं और उनके फायदे के लिए खोला गया बैंक ग्रोथ की तरफ ही जाएगा। समय पर क्रेडिट व सही प्रॉडक्ट हमें लीड दिलाएगा।

-आपने शुरूआत मेट्रो से क्यों की? जबकि फाइनैंशल इन्कलूजन की ज्यादा जरूरत गांवों में है?

हम मेट्रो व अर्बन सेंटर में भी हैं। मार्च 2014 तक हम रूरल एरिया में भी एंटर होंगे। 25 पर्सेंट बैंक ऐसे एरिया में ही होंगे।


सेविंग अकाउंट पर इंटरेस्ट रेट:

एक लाख रुपये पर 4.5 पर्सेंट इंटरेस्ट रेट

एक लाख रुपये से ज्यादा पर 5 पर्सेंट का इटरेस्ट रेट

स्पेशल लोन प्रॉडक्ट:

हाइजनिक क्लास 1
डे-केयर सेंटर
एफिसिएंट किचन
केटरिंग सर्विस

बैंक की कुछ और खासियतें:

स्टाफ होगा प्रीडोमिनेंटली महिलाओं का।
सिक्यूरिटी स्टाफ व अन्य कुछ सेवाओं के अलावा पूरा स्टाफ महिलाओं का होगा।
यहां पुरुष भी बैंकिंग जरूरतों की लिए सेवाएं ले सकेंगे।
तीन साल के लिए 125 कर्मचारी

-जेंडर समानता के लिए कैसे अलग है यह बैंक:

लोन सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे। महिलाओं को छोटे-छोटे लोन अमाउंट बिना कोलेट्रल के ही मिलेगा। महिलाओं के लिए स्पेशल प्रोडक्ट तो हैं ही। महिलाओं के लिए जॉब के अवसर पैदा कर उन्हें एम्पॉवर करना, महिलाओं की फाइनैंशल नीड्स को डील करने के लिए स्पेशल सुविधाएं दी जा रही हैं।


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