आपका समर्थन, हमारी शक्ति

शनिवार, 8 मार्च 2014

'नारी-सशक्तिकरण' की प्रतीक 25 महिलाएं लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में


नारी-सशक्तिकरण के आयामों को आगे बढ़ाते हुए लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्र्स  ने अपने  25वें संस्करण की थीम 'महिला सशक्तिकरण' रखी  है। विश्व महिला दिवस से दो दिन पहले राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह में इस रिकॉर्ड बुक का अनावरण किया गया। अनावरण दिल्ली हाईकोर्ट की पहली चीफ जस्टिस लीला सेठ ने किया। 25 वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य में रिकॉर्ड बुक में विविध क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाली 25 महिलाओं को 'पीपुल ऑफ द ईयर' चुना गया है। 

इसमें जिन 25 महिलाओं को चुना गया है, उनमें अभिनेत्री वहीदा रहमान, ओलंपियन बॉक्सर मैरी कॉम, स्टेट बैंक की पहली महिला चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य, शास्त्रीय गायिका किशोरी अमोनकर, एथलीट दीपा मलिक, पहली एयरबस कमांडर कैप्टन इंद्राणी सिंह, प्रख्यात प्रिंट व टेलीविजन जर्नलिस्ट मृणाल पांडे, प्रथम महिला एयरमार्शल पद्मा बंदोपाध्याय, टेलीविजन न्यूज एंकर रिनी खन्ना, टीवी संपादक सुहासिनी हैदर, लेखिका महाश्वेता देवी, कलाकार अर्पणा कौर, चिकित्सक डॉ. फिरुजा पारीख, साइंटिस्ट विजया कुमारी नरुकुल्ला, समाजसेवी अरुणा राय, प्लानिंग कमीशन की सदस्य सैयदा हामिद, डिजाइनर लैला तैयबजी, एक्शन फॉर ऑटिज्म की निदेशक मेरी बरुआ, एनिमल एक्टिविस्ट गीता शेषमणि, सामाजिक कार्यकर्ता इला भट्ट, आकांक्षा फाउंडेशन की संस्थापक शाहीन मिस्री, नाज फाउंडेशन की अंजलि गोपालन और निर्भया के नाम शामिल हैं।

लीला सेठ ने इस मौके पर दिग्गज महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने एक जापानी कहावत का उदाहरण देते हुए कहा कि 'यदि पुरुष कुछ कर सकते हैं तो महिलाएं उनसे बेहतर कर सकती हैं।' कोका कोला के अध्यक्ष वेंकटेश किनी ने कहा कि लिम्का बुक में साधारण भारतीयों की असाधारण उपलब्धियों को प्रकाशित करने के सिलसिले में इस बार 10 हजार प्रेरणादायक कारनामे शामिल किए गए हैं, इनमें से 6 हजार नए रिकॉर्ड और 20 नए अध्याय हैं। 



एक टिप्पणी भेजें