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शनिवार, 31 जुलाई 2010

आप सभी के स्नेह से अभिभूत हूँ...

हर साल जन्मदिन आता है और चला जाता है. इसी के साथ हम एक साल और वृद्ध हो जाते हैं या कहें कि एक साल का अनुभव और समेट लेते हैं और आने वाले दिनों के लिए तैयार हो जाते हैं. जिन्दगी अनवरत चलती रहती है. ऐसे विशेष दिन परिवार के सदस्यों, मित्रों, रिश्तेदारों के लिए भी अहम् होते हैं. खैर, आज सुबह जगी तो रिलेक्स. जन्मदिन के बाद दो दिन की छुट्टियाँ, जन्मदिन का मजा और बढ़ा देती हैं. पाखी बिटिया सुबह जगकर ही 'ममा आज भी केक चाहिए' की मांग करती हैं और पतिदेव 'फिर से आउटिंग के मूड में' हैं. इन सबके बीच ब्लाग, मेल खोला तो बधाइयों का अम्बार. बड़ा अच्छा लगता है आप सभी का प्यार व स्नेह देखकर. पाखी बिटिया ख़ुशी मना रही हैं कि आज तो ममा का हैपी बर्थ-डे है तो पतिदेव कृष्ण कुमार जी के लिए ये खुशियों का दिन रहा. सप्तरंगी-प्रेम पर उनकी यह ख़ुशी प्यार की अनुभूतियों को समेटती एक कविता तुम के माध्यम से प्रस्फुटित हुई-जैसे कि अपना सारा निचोड़/उन्होंने धरती को दे दिया हो/ठीक ऐसे ही तुम हो।



किसी का जन्मदिन हो तो हिंदी ब्लागरों के जन्मदिन पर शुभकामनायें मिलना स्वाभाविक ही है. सौभाग्यवश, 30 जुलाई को ही महावीर बी सेमलानी जी और जोगेन्द्र सिंह जी का भी जन्मदिन है. सब सिंह (Leo) राशि वाले. एक दिन पहले ही एक अन्य 'सिंह' समीर लाल जी भी अपना जन्म-दिन मना चुके थे. मेरे जन्मदिन पर एक पोस्ट भड़ास पर भी दिखी- आकांक्षा को जन्मदिन की बधाई, तो यदुकुल ने तुम जियो हजारों साल, गाकर मेरी जिंदगी में कई साल और जोड़ दिए. बाल-दुनिया पर अपने बर्थ-डे पर मैंने एक पोस्ट प्रकाशित की कि -कहाँ से आई 'हैप्पी बर्थडे टू यू' की पैरोडी, तो वहाँ भी आप सभी का स्नेह झलका. ताका-झाँकी ब्लॉग पर रत्नेश मौर्य जी को समझ में नहीं आया कि मुझे जन्मदिन कैसे विश करें, तो सुशीला जी की इन पंक्तियों को सजा लिया। सुशीला जी की आभारी हूँ। सुशीला जी की ये खूबसूरत पंक्तियाँ मेरे आर्कुट प्रोफाइल पर बतौर शुभकामना थीं-


मेघ आषाढ़ी बुलाते सावनों को,
झूम आओ शाख कहती वॄक्ष की, अब डाल पर झूले झुलाओ
मलयजी झोंके खड़े हैं हो गये दहलीज आकर
धूप भी कहने लगी दालान से नवगीत गाकर
साथ गाओ, आज का दिन आपका शुभ जन्मदिन है ।

मेरे अपने ब्लॉग शब्द-शिखर पर भी 'जीवन के सफ़र में आज मेरा जन्मदिन' पर आप सभी लोगों की बधाइयाँ और भरपूर स्नेह मिला.



आज सुबह छुट्टी से लौटने के बाद डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' जी ने जब चर्चा मंच सजाया (“'जिंदगी' और मैं” (चर्चा मंच – 231) ) तो उसमें सबसे अंत में 'पोस्ट जन्म-दिन की! हमारी भी हार्दिक शुभकामनाएँ!' शीर्षक से ऊपर उल्लेखित ब्लॉगों की पोस्टों को सहेजा. इसी बहाने मुझे भी ये लिंक्स मिल गए। 'मयंक' जी के आशीष की सदैव आकांक्षी हूँ।


आप सभी ने मेरे जन्म दिन पर ब्लॉग, ई-मेल, सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स, फोन, SMS और कुछ लोगों ने डाक द्वारा शुभकामना-पत्र भेजकर ढेरों आशीर्वाद, बधाई और शुभकामनायें दीं। आप सभी के इस अपार स्नेह से अभिभूत हूँ...आभारी हूँ....अपना स्नेह इसी तरह सदैव बनाये रहें !!


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आज 31 जुलाई को साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती है....नमन !!

कल 1 अगस्त को फ्रैंडशिप-दिवस है... आप सभी को पूर्व संध्या पर बधाइयाँ !!



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