आपका समर्थन, हमारी शक्ति

बुधवार, 29 जुलाई 2009

अपने आस-पास नीम जरुर लगाइए

मुझे जब भी कभी पौधे लगाने का मौका मिलता है तो मेरी पहली प्राथमिकता नीम होती है। पता नहीं क्यों बचपन से ही इससे इतना लगाव है। बचपन में नीम की ताजी पत्तियों को प्रतिदिन सुबह चबाने की पिताजी की सीख अभी भी अमल में लाती हूँ। मेरी बेटी अक्षिता कई बार मुझसे सवाल भी पूछती है और मैं बार-बार इसके फायदे गिनाती हूँ। वस्तुतः नीम मात्र वृक्ष नहीं, कुदरत की अद्भुत नियामत है। बचपन में तो हम लोग नीम की ही दातुन किया करते थे। टूथपेस्ट तो एक लम्बे अर्से बाद लोगों के जीवन में आया। अभी भी ग्रामीण लोग शहरों में जाते हैं तो भरसक कोशिश करते हैं कि सुबह-सुबह नीम की दातुन करने को मिल जाय। रेलवे स्टेशनों-बस स्टेशनों पर इसकी बिक्री करने वाले बहुतायत में दिख जाते हैं। जहाँ ब्रश करने के लिए टूथब्रश, टंग क्लीनर एवं टूथपेस्ट की आवश्यकता होती है वहीं दातुन तो थ्री इन वन है। यही नहीं तमाम रोगों में भी वैद्य-हकीम एवं घर-परिवार के लोग नीम का इस्तेमाल करते हैं। नीम के बारे में तमाम ग्रन्थों में भी जानकारी मिलती है। भारत में नीम का उपयोग प्राचीन काल से आयुर्वेदिक दवाओं में होता आया है। अब तो इसकी गूँज विदेशों में भी सुनाई देने लगी है। हर कोई इस प्राकृतिक उत्पाद का पेटेंट अपने नाम कराना चाहता है। वस्तुतः नीम का उपयोग आज हर बीमारी के लिए कारगर समझा जा रहा है।

नीम मेलिओडिया परिवार का पौधा है जिसके फल, बीज, तेल, पत्ते, जड़ें यहाँ तक कि पेड़ की छाल को भी औषधि के रूप में बखूबी प्रयोग किया जाता है। हालांकि एक पेड़ के रूप में नीम का अभ्युदय दक्षिण पूर्वी एशिया में हुआ लेकिन आज यह आस्ट्रेलिया से लेकर कैलिफोर्निया तक पाया जाता है। अकेले भारत में ही नीम के 180 लाख पेड़ हैं। नीम में टेरपोनाइड्स, अजादिरैचिन्स और सल्फर के 20 कंपाउंड के अलावा बहुत सारे रासायनिक तत्व होते हैं। एंटीसेप्टिक और एंटी-फंगल के रूप में नीम को एक्जिमा, अल्सर, एथलीट फूट, नाखून के फंगस, गला और दांत के संक्रमण के अलावा दाद, खाज और खुजली को ठीक करने हेतु उपयोग में लाया जाता है। एंटी वायरल के रूप में इसे स्मालपाक्स, चिकनपाक्स के अलावा अन्य वायरल रोगों के लिए उपयोग में लाते हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि वायरल संक्रमण के इलाज में नीम भले ही ज्यादा कारगर न हो, परन्तु वायरल संक्रमण से बचाव के मामले में इसका कोई जवाब नहीं है।....तो फिर देर किस बात की। आप भी अपने घर के सामने एक नीम का पौधा लगाइये और स्वस्थ रहिए।
एक टिप्पणी भेजें